Nishad Society

क्या सरकार आरक्षण के नाम पर बिहार में निषाद समुदाय को धोखा दिया है ?

yes

नितीश सरकार के द्वारा मल्लाह निषाद नोनिया को st में शामिल करने की अनुशंसा का कोई मतलब नहीं।जाति के वर्ग बदलने का एकाधिकार केंद्र के पास है।ऐसी अनुशंसा पूर्व मुख्य मंत्री श्रीमती राबड़ी देवी के द्वारा भी किया गया था।केंद्र ने नोटिस नहीं लिया।अब निषादों पर पटना में लाठियां बरसाने के बाद डैमेज कण्ट्रोल के रूप में नीतीशजी ने यह झुनझुना थमाया।सब चुनावी नौटंकी है निषाद वोट हासिल करने के लिए।सबसे दुर्भाग्यपूर्ण खबर ये है की हम जिसे अपना रहनुमा मान रहे वो जल्दी ही एक पार्टीविशेष को ज्वाइन करने जा रहे हैं।अगर ऐसा होता है तो हम निषाद बेचे जायेंगे अपने ही नेताजी के द्वारा।अब सोचने की बात ये है की क्या हम बिकने के लिए तैयार हैं?क्या हमलोगों के नेताजी हमारे विश्वास की बोली लगाने का अधिकार रखते हैं।ईश्वर करे की नेताजी के किसी पार्टी में शामिल की बात गलत निकले। By---Nishadvanshi

ये चुनावी जुमला हैं क्योकि 21.05.2014 को बिहार सरकार ने वेदव्यास पारिषद् के रिपोर्ट के द्वारा मल्लाह जाति को अनुसूची जाति (SC)मे शामिल करने की अनुशंसा केन्द्र को भेजा था जिसमे केन्द्र ने मल्लाह जाति का सर्वे करने हेतु बिहार सरकार को भेजा इसका सर्वे अनुग्रह नारायाणअध्ययन समिति बिहार सरकार के द्वारा हुआ जिससे समाजिक व अधिकारता मंत्रालाय भारत सरकार ने भारत के जनसख्या रजिष्ट्रार के पास के पास फाईल हैं वहाँ से ये फाईल लोकसभा व राज्यसभा में भेजी जायेगी सरकार ने ये एक नया अंजेठा बनाकार मल्लाह जाति को अनुसूची जनजाति (ST) की अनुशंशा कर गुमराह किया हैं अब मल्लाह समुदाय की बात सरकार को वेद व्यास परिषद् सरकार से करेगे |ये कागजो में है कोई जुमला नही हैं | By---Nishadvanshi

बिहार सरकार ने 1982 में जब पंडित जगन्नाथ मिश्र जी मुख्य मंत्री थे उस समय साहेबगंज विधानसभा में उप चुनाव हो रहा था तो एवं 2004 मे श्रीमती राबरी देवी जी और अब भेजा गया है।आपको इस बात पर इतराने की जरुरत नहीं हैं,बल्कि सावधान रहने की क्यों की फिर एक बार हमारे समाज को जाने में डालकर मारकेटिंग हो रहा है।जिस प्रकार अन्धे को सिनेमा दिखाने वाले कहावत के तरह। By---Nishadvanshi

दिनेशजी जो आज नितीश ने किया वो पहले भी 2004 में राबड़ी देवी ने किया था।कमल की बात है की दोनों ने निषाद वोट पाने के लिए चुनाव की तारीख की घोषणा के ठीक पहले किया।चुनावी अनुशंसा।निषाद को ठगने की कोशिश।किसी पार्टी के पक्ष विपक्ष के रूप देखने की कोशिश सही नहीं।केंद्र से लड़ाई लड़नी होगी निषादों को। By---Nishadvanshi